क्रिकेट पिच वह चिन्हित आयताकार पट्टी है जहां गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी होती है; क्रिकेट मैदान उससे कहीं बड़ा खेल क्षेत्र है। पिच में विकेट और क्रीज़ होते हैं। मैदान में पिच, आउटफील्ड और खेल की बाउंड्री आती है। MCC Law 6 के अनुसार पिच की लंबाई 22 गज (20.12 मीटर) और चौड़ाई 10 फीट (3.05 मीटर) होती है। यह पूरे स्टेडियम का आकार नहीं है और न ही हर क्रिकेट मैदान के लिए बाउंड्री की एक सार्वभौमिक दूरी तय करता है।

बाउंड्री प्रतियोगिता की playing conditions, मैदान की बनावट और टॉस से पहले अंपायरों के निर्णय पर निर्भर करती है। इसलिए नीचे दिए गए मापों के साथ नियम का स्रोत और लागू प्रारूप भी बताया गया है।

मुख्य बातें - MCC Law 6 में पिच 22 गज/20.12 मीटर लंबी और 10 फीट/3.05 मीटर चौड़ी है। - बॉलिंग, पॉपिंग और रिटर्न क्रीज़ विकेट तथा बल्लेबाज़ के सुरक्षित क्षेत्र को समझने में मदद करती हैं; वे स्टेडियम की बाउंड्री नहीं हैं। - मैदान में पिच, आउटफील्ड और खेल की बाउंड्री होती है। बाउंड्री आम तौर पर रोप या अधिकृत समान चिन्ह से बताई जाती है। - मौजूदा ICC पुरुष ODI और T20I conditions में बाउंड्री की एक सीमा है, लेकिन वह हर प्रारूप और हर मैदान का एक ही सार्वभौमिक माप नहीं है।

क्रिकेट पिच क्या होती है?

पिच वह केंद्रीय आयताकार क्षेत्र है जहां गेंद deliver होती है और बल्लेबाज़ रन बनाते हैं। MCC Law 6.1 में इसकी लंबाई 22 गज (20.12 मीटर) और चौड़ाई 10 फीट (3.05 मीटर) दी गई है। इसके छोर बॉलिंग क्रीज़ से चिह्नित होते हैं। बीच के स्टंपों के केन्द्रों को जोड़ने वाली रेखा के समानांतर, उससे 5 फीट (1.52 मीटर) दूर काल्पनिक रेखाएं इसकी दोनों sides को परिभाषित करती हैं।

ये कानूनी dimensions हैं, पिच के “बल्लेबाज़ी के लिए अच्छी” या “स्पिन के लिए मददगार” होने का फैसला नहीं। bounce, pace, grass और turn अलग playing characteristics हैं। खेलने योग्य होने का निर्णय अंपायर करते हैं और surface की तैयारी ground authority करती है।

22 गज और 10 फीट की क्रिकेट पिच का शैक्षिक आयाम कार्ड

क्रिकेट में क्रीज़ का मतलब क्या है?

MCC Law 7: The Creases तीन मुख्य markings बताता है:

  • बॉलिंग क्रीज़: इसकी पिछली धार पिच का छोर बताती है और इसकी लंबाई 8 फीट 8 इंच (2.64 मीटर) होती है।
  • पॉपिंग क्रीज़: इसकी पिछली धार बॉलिंग क्रीज़ से 4 फीट (1.22 मीटर) आगे और समानांतर होती है। यह middle-stump line के दोनों ओर कम-से-कम 6 फीट (1.83 मीटर) तक बढ़ती है और इसकी लंबाई unlimited मानी जाती है।
  • रिटर्न क्रीज़: ये पॉपिंग क्रीज़ पर right angle बनाती हैं। इनके अंदरूनी किनारे middle-stump line से दोनों ओर 4 फीट 4 इंच (1.32 मीटर) दूर होते हैं। प्रत्येक कम-से-कम 8 फीट (2.44 मीटर) पीछे तक अंकित होती है और उसकी लंबाई भी unlimited मानी जाती है।

आसान भाषा में, बॉलिंग क्रीज़ पिच के छोर को चिह्नित करती है, पॉपिंग क्रीज़ बल्लेबाज़ के आगे बढ़ने की मुख्य reference line है और रिटर्न क्रीज़ delivery area की side limits समझने में मदद करती है। बल्लेबाज़ का ground बनाना संबंधित क्रीज़ से तय होता है, सीमा की rope से नहीं।

क्रिकेट मैदान और बाउंड्री में क्या अंतर है?

मैदान पूरा खेल क्षेत्र है। इसमें पिच, क्रीज़, आउटफील्ड और field-of-play boundary शामिल है। उसके बाहर advertising boards, team areas और spectator facilities हो सकती हैं। इसलिए हर stadium का layout अलग हो सकता है और पास की fence या sight-screen अपने-आप boundary नहीं बनती।

नीचे दिए गए links वाले पुरुष अंतरराष्ट्रीय सीमित-ओवर clauses में ICC कहता है कि अंपायर टॉस से पहले field-of-play boundary तय करते हैं और मैच के दौरान उसे स्थिर रखते हैं। मौजूदा पुरुष ODI और T20I conditions में pitch के centre से मापने पर कोई boundary 90 गज (82.29 मीटर) से लंबी नहीं होनी चाहिए और सामान्यतः 65 गज (59.43 मीटर) से छोटी नहीं होनी चाहिए। उन्हीं provisions में boundary rope और पहली ठोस वस्तु के बीच खिलाड़ियों के लिए 3 गज (2.74 मीटर) safety run-off दिया गया है; minimum पूरा न कर पाने वाले पहले से approved ground के लिए exception process भी है।

ये नामित पुरुष अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों की scoped conditions हैं, हर क्रिकेट के लिए universal boundary measurement नहीं। ICC की playing-conditions index format और event के अलग documents देती है। linked addendum में women’s T20I के लिए कुछ परिस्थितियों में अलग figures हैं, इसलिए किसी guide में लागू document का नाम देना जरूरी है।

Boundary आम तौर पर rope या authorised समान वस्तु होती है। जमीन पर रखी वस्तु boundary mark करे तो संबंधित ICC conditions में pitch के सबसे पास वाला किनारा boundary माना जाता है। Obstacles और markers के बारे में अंपायर टॉस से पहले निर्णय लेते हैं।

Venue pages इस विषय में कैसे मदद करते हैं?

Venue page यह बता सकता है कि किस मैदान पर मैच हुए और वहां capacity, fixtures या historical scoring records क्या हैं। वह MCC Laws या लागू playing conditions का विकल्प नहीं है और यह प्रमाण नहीं देता कि stadium की हर दिशा में माप समान है। FairPlay के भारत के क्रिकेट स्टेडियम, क्रिकेट venues hub और scorecard guide देखें। Venue figures measured boundary plan नहीं होते।

यह static rules explainer है। इसमें live score, current pitch report या किसी venue की measured boundary survey नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हर क्रिकेट बाउंड्री 65 या 90 गज की होती है?

नहीं। ये माप नामित ICC पुरुष ODI और T20I boundary conditions से आते हैं, pitch के centre से मापे जाते हैं और stated exceptions के अधीन हैं। दूसरे formats, competitions और women’s provisions में नियम अलग हो सकते हैं।

क्या पॉपिंग क्रीज़ केवल छह फीट चौड़ी होती है?

नहीं। MCC Law 7 middle-stump line के दोनों ओर कम-से-कम 6 फीट तक extension मांगता है और इसकी length को unlimited मानता है। 6 फीट minimum extension है, पूरे मैदान की चौड़ाई नहीं।

क्या मैच के दौरान boundary बदली जा सकती है?

linked ICC पुरुष ODI और T20I conditions में अंपायर टॉस से पहले boundary तय करते हैं और मैच के लिए स्थिर रखते हैं। Marker हिल जाए तो conditions में उसे मूल स्थिति में लौटाने का प्रावधान है।

स्रोत

यह evergreen draft scoped rules language का उपयोग करता है। इसमें live-match result या venue-specific boundary claim नहीं है। named-editor approval और production validation अभी बाकी हैं।

संपादकीय समीक्षा और स्वीकृति: मोहिनी यादव, अजित मोहन यादव और राहुल जेठालाल।