हरमनप्रीत कौर ने 6 अक्टूबर 2026 को भारत की टेस्ट, वनडे और टी20आई कप्तानी छोड़ दी। 37 वर्षीय हरमनप्रीत ने 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20आई में भारत का नेतृत्व किया था; अब वह खिलाड़ी के तौर पर खेल जारी रखने और क्रिकेट के लिए खेलने पर ध्यान देना चाहती हैं।
अचानक फैसला नहीं, एक युग का मोड़
पहली नज़र में यह फैसला अचानक आया इस्तीफा लग सकता है, लेकिन घटनाक्रम कुछ और कहानी बताता है। हरमनप्रीत, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कप्तानी की घोषणा से एक दिन पहले गुवाहाटी में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से महिला टीम के आगे के रोडमैप पर बात की थी। इसलिए 6 अक्टूबर का एलान केवल पद छोड़ने की खबर नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व बदलने की औपचारिक शुरुआत है।
भारत की अगली महिला सीरीज़ 16 अक्टूबर से जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरू होनी है। उस सीरीज़ से पहले कप्तानी, टीम की प्राथमिकताओं और अलग-अलग फॉर्मेट के लिए खिलाड़ियों की भूमिकाओं पर दिशा देना चयनकर्ताओं और नए नेतृत्व की पहली बड़ी परीक्षा होगी। पाठक आगे के कार्यक्रम पर हमारी क्रिकेट कवरेज और लाइव स्कोर के साथ नज़र रख सकते हैं।
लंबे कार्यकाल का वजन
हरमनप्रीत ने 2012 में पहली बार टी20आई में भारत की कप्तानी की थी। 2016 के घरेलू टी20 विश्व कप में भारत के ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद वह कप्तानी की गंभीर दावेदार बनीं और 2018 में मिताली राज से पूर्णकालिक जिम्मेदारी संभाली। उनके दौर में भारत ने 2018 टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल खेला और 2020 में ऑस्ट्रेलिया में हुए टूर्नामेंट का उपविजेता बना। पिछले साल वनडे विश्व कप में भारत की पहली महिला वैश्विक ट्रॉफी भी उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धियों में रही।
इन उपलब्धियों के साथ इस भूमिका की कीमत भी जुड़ी थी। कप्तान को एक ही समय टेस्ट क्रिकेट की धैर्यपूर्ण मांग, वनडे की लंबी रणनीति और टी20आई के तेज फैसलों के बीच संतुलन बनाना पड़ता है। पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20आई का आंकड़ा सिर्फ रिकॉर्ड नहीं है; यह उस निरंतर जिम्मेदारी का पैमाना है जो हर दौरे, चयन बैठक और कठिन हार के साथ बढ़ती गई।
टी20 विश्व कप की चोट और बदलाव का दबाव
जून 2026 के टी20 विश्व कप में भारत लगातार दूसरी बार ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सका। इस नतीजे के बाद कप्तानी में बदलाव की चर्चा तेज होना सामान्य था। यह कहना सही नहीं होगा कि केवल एक टूर्नामेंट ने हरमनप्रीत का फैसला तय किया, लेकिन उस प्रदर्शन ने टीम के अगले चक्र पर सवाल जरूर केंद्र में ला दिए।
एक कप्तान का मूल्यांकन सिर्फ ट्रॉफियों से नहीं होता, फिर भी बड़े टूर्नामेंट के नतीजे नेतृत्व पर सार्वजनिक बहस का रुख बदलते हैं। हरमनप्रीत के मामले में चुनौती यह थी कि टीम को जीत की आदत देने के साथ नई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय दबाव में तैयार किया जाए। अब अगला नेतृत्व उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए टी20 में गति, वनडे में निरंतरता और टेस्ट में धैर्य—तीनों पर काम करेगा।

आखिरी अध्याय में एशियन गेम्स का स्वर्ण
हरमनप्रीत का कप्तान के रूप में आखिरी काम सितंबर के एशियन गेम्स में पूरा हुआ, जहां भारत ने लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीता। इस जीत ने उनके कार्यकाल को सकारात्मक अंतिम दृश्य दिया। कप्तानी छोड़ने का मतलब यह नहीं कि उनका भारतीय क्रिकेट से रिश्ता खत्म हो गया; उलटे, टीम को करीब से समझने वाली अनुभवी खिलाड़ी के रूप में उनकी मौजूदगी नए कप्तान के लिए उपयोगी हो सकती है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि वह टीम को अच्छी जगह छोड़ रही हैं और अब खेल के लिए खेलने को तैयार हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह सबसे छोटे फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगी। इससे जिम्मेदारी का स्वरूप बदलेगा: मैदान पर हर फैसला उनके नाम से नहीं जुड़ा होगा, लेकिन उनका अनुभव बल्लेबाजी, मैच की स्थिति पढ़ने और ड्रेसिंग रूम में युवा खिलाड़ियों की मदद करने में काम आएगा।
अगला रोडमैप किस दिशा में जाएगा?
उत्तराधिकारी का नाम उसी दिन तय हो गया: बीसीसीआई ने लंबे समय से उपकप्तान रहीं स्मृति मंधाना को भारतीय महिला टीम की कप्तान नियुक्त किया और बताया कि वह अब फुल-टाइम व्हाइट-बॉल कप्तान होंगी। उनकी पहली ज़िम्मेदारी 16 अक्टूबर से रायपुर में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज़ है; इस पर हमारी पूरी खबर पढ़ें। अब बड़ा सवाल नाम से आगे का है। भारत को यह तय करना होगा कि नेतृत्व की स्पष्ट श्रृंखला कैसे बने, फॉर्मेट के हिसाब से टीम में कितनी विशेषज्ञता हो और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी कब से शुरू की जाए। 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली जिम्बाब्वे सीरीज़ इन सवालों के शुरुआती जवाब दे सकती है, भले ही उसका कार्यक्रम सीमित ओवरों का हो।
हरमनप्रीत का पद छोड़ना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक स्थापित कप्तान के हटने और अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी देने का क्षण है। उनकी विरासत को केवल ग्रुप-स्टेज हार या ट्रॉफियों की सूची में सीमित करना आसान होगा, लेकिन अधूरा भी। उन्होंने भारतीय महिला टीम को पेशेवर दौर में आगे बढ़ते देखा, कई खिलाड़ियों को अवसर दिया और अब खिलाड़ी के तौर पर उसी बदलाव का हिस्सा बनी रहेंगी।
स्रोत: ESPNcricinfo: Harmanpreet Kaur steps down as India captain · ESPN: Harmanpreet Kaur steps down as India captain · BCCI: Smriti Mandhana appointed captain of Indian Women’s Cricket Team
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Rahul Jethalal
Mohini Yadav

