17 से 22 सितंबर तक एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला टीम ने चार मुकाबलों में सीधे बाहर होने वाले प्रारूप का ऐसा नमूना पेश किया जिसमें हर पड़ाव पिछले से ज्यादा असरदार रहा। जापान को आठ विकेट से हराने के बाद शेफाली वर्मा के नाबाद शतक ने बांग्लादेश को हटाया, और फाइनल में स्मृति मंधाना की 79 रन की पारी तथा दीप्ति शर्मा के 3/6 ने श्रीलंका पर 147 रन की जीत के साथ स्वर्ण पदक पक्का किया।
17 सितंबर: ड्रॉ खुला, भारत की बारी बाकी रही
गुरुवार 17 सितंबर को महिला क्रिकेट का आठ टीमों वाला सीधा नॉकआउट शुरू हुआ। इस प्रारूप में लीग चरण या अंक तालिका का सहारा नहीं था: क्वार्टर फाइनल जीतिए और आगे बढ़िए, हारिए तो अभियान खत्म। दिन का पहला मैच बांग्लादेश और पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के बीच था, लेकिन वह बिना गेंद फेंके रद्द हो गया। ज्यादा ऊंची सीडिंग के कारण बांग्लादेश सेमीफाइनल की दौड़ में बना रहा।
दूसरे क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड और पाकिस्तान आमने-सामने आए। पाकिस्तान ने 92/7 बनाकर थाईलैंड के 91/4 को तीन विकेट से पीछे छोड़ा। भारतीय टीम मैदान पर नहीं उतरी, फिर भी यह दिन महत्वपूर्ण था: नॉकआउट ड्रॉ की एक तरफ बांग्लादेश और पाकिस्तान अगले दौर में पहुंच चुके थे, और भारत को अपना पहला मैच अगले दिन खेलना था।
18 सितंबर: चरानी की चार विकेट, शेफाली की तेज फिनिश
शुक्रवार 18 सितंबर को भारत ने जापान के खिलाफ गेंद से मैच को लगभग एकतरफा बना दिया। जापान की पारी 57 रन पर सिमट गई। श्री चरानी (Sree Charani) ने 4/10 लेकर पारी की दिशा बदल दी; उनकी सटीक लाइन ने जापान को साझेदारी बनाने का समय नहीं दिया।
लक्ष्य छोटा था, लेकिन भारत ने चेज को औपचारिकता नहीं बनने दिया। टीम 5 ओवर में 59/2 तक पहुंची और आठ विकेट से जीत दर्ज की। शेफाली वर्मा ने केवल 15 गेंदों पर नाबाद 40 रन बनाए। उनका आक्रामक अंदाज इस अभियान की शुरुआती पहचान बन गया: कम गेंदें, साफ शॉट और विरोधी टीम पर तुरंत दबाव। BCCI की रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने लक्ष्य पावरप्ले के भीतर ही पूरा कर लिया था।
यह जीत केवल स्कोरलाइन की वजह से बड़ी नहीं थी। जापान को 57 पर रोकना और फिर पांच ओवर में लक्ष्य हासिल करना बताता था कि भारत बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों चरणों में अपनी गति थोप रहा था। FairPlay के क्रिकेट हब पर दर्ज प्रतियोगिता नतीजों में भी यह मुकाबला भारत के अभियान का निर्णायक शुरुआती संकेत है।
19 सितंबर: एक दिन का विराम, अगले बड़े मुकाबले की तैयारी
18 और 20 सितंबर के बीच कार्यक्रम में भारत का कोई मैच नहीं था। इस छोटे विराम ने क्वार्टर फाइनल की ऊर्जा को सेमीफाइनल की चुनौती में बदलने का मौका दिया। अगले मुकाबले में सामने बांग्लादेश था, जिसने पहले दिन रद्द हुए क्वार्टर फाइनल के बाद आगे का स्थान पाया था।
20 सितंबर: शेफाली का नाबाद शतक और 114 रन की छलांग
रविवार 20 सितंबर को सेमीफाइनल में शेफाली ने बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 100 रन बनाए। BCCI के अनुसार यह उनका पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक था और उन्होंने इसे 49 गेंदों पर पूरा किया। उनकी पारी ने भारत को 20 ओवर में 195/4 तक पहुंचाया—ऐसा स्कोर जिसे बांग्लादेश के लिए चेज करना शुरू से ही कठिन था।
शेफाली की पारी में दो बातें साथ दिखीं। पहली, उन्होंने जापान के खिलाफ छोटी लेकिन तेज पारी को बड़ी पारी में बदला। दूसरी, उन्होंने पारी को सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखा; 195/4 ने भारत को गेंदबाजों के लिए पर्याप्त गुंजाइश दी। यह वही नॉकआउट दबाव था जिसमें भारत की बल्लेबाजी ने पहले ही आधा काम कर दिया।
बांग्लादेश 81 रन पर ऑल आउट हो गया और भारत ने सेमीफाइनल 114 रन से जीता। दीप्ति शर्मा और नंदनी शर्मा ने तीन-तीन विकेट लिए। यानी भारत ने इस मैच को एक ही खिलाड़ी की कहानी नहीं बनने दिया: शेफाली ने मंच बनाया, फिर गेंदबाजों ने उसे पूरी तरह भारत के पक्ष में बंद किया।

22 सितंबर: मंधाना की 79, ऋचा की फिनिश
मंगलवार 22 सितंबर का फाइनल भारत और श्रीलंका के बीच था। भारत ने पहले बल्लेबाजी चुनी और स्मृति मंधाना ने 45 गेंदों पर 79 रन बनाकर पारी को स्थिरता और रफ्तार दोनों दी। उनके साथियों ने शुरुआत को बड़े स्कोर में बदला। ऋचा घोष 49 रन बनाकर नाबाद रहीं और भारत 20 ओवर में 216/3 तक पहुंच गया।
216/3 सिर्फ फाइनल जीतने वाला स्कोर नहीं था; यह एशियन गेम्स महिला क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर भी बना। मंधाना ने पारी को आकार दिया, जबकि ऋचा की नाबाद फिनिश ने आखिरी ओवरों में स्कोर को उस स्तर तक पहुंचाया जहां श्रीलंका को शुरुआत से ही असाधारण चेज चाहिए था। भारत ने इस प्रतियोगिता में बल्लेबाजी के तीन अलग रूप दिखाए—जापान के खिलाफ पांच ओवर का चेज, बांग्लादेश के खिलाफ शेफाली का शतक और फाइनल में लंबी, नियंत्रित पारी।
दीप्ति का स्पेल और 147 रन का स्वर्ण
श्रीलंका का जवाब 15.4 ओवर में 69 रन पर खत्म हो गया। दीप्ति शर्मा ने 3/6 लेकर फाइनल की गेंदबाजी का केंद्र अपने हाथ में रखा। यह स्पेल केवल विकेटों की गिनती नहीं था; इतने कम रन देना बताता है कि श्रीलंका को रन बनाने के आसान मौके नहीं मिले। भारत के स्पिनरों ने बीच के ओवरों में दबाव बनाए रखा और लक्ष्य की दूरी लगातार बढ़ती गई।
भारत ने स्वर्ण पदक का मुकाबला 147 रन से जीता। श्रीलंका को रजत और पाकिस्तान को कांस्य मिला, जिसने बांग्लादेश को 31 रन से हराया। भारत का अभियान इसलिए याद रहेगा कि उसमें कोई करीबी बचाव नहीं था: जापान के खिलाफ आठ विकेट, बांग्लादेश के खिलाफ 114 रन और श्रीलंका के खिलाफ 147 रन। लाइव स्कोर देखने वाले प्रशंसकों के लिए यह छह दिन की डायरी असल में दबदबे की लगातार तीन प्रविष्टियां थी। विस्तृत मैच अपडेट और बाकी क्रिकेट न्यूज़ के साथ इसे पढ़ने पर तस्वीर पूरी होती है।
भारत ने इस जीत के साथ महिला क्रिकेट में एशियन गेम्स का स्वर्ण बरकरार रखा। 17 सितंबर के रद्द मैच से शुरू हुआ ड्रॉ 22 सितंबर को दीप्ति की धीमी, सटीक और निर्णायक गेंदों के साथ खत्म हुआ—और बीच में शेफाली का शतक इस अभियान की सबसे चमकदार पंक्ति बन गया।
स्रोत: Olympics.com: Asian Games 2026 cricket: Scores, match results and medal winners list · BCCI: History in Nagoya: Women in Blue bag Team India's First Gold Medal at Asian Games 2026
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Ajit Mohan Yadav
Rahul Jethalal


